हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने एक बेहद सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। हापुड़ की जिलाधिकारी (DM) के कड़े निर्देशों पर अमल करते हुए गढ़मुक्तेश्वर और नगर पालिका परिषद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर एंटी-अतिक्रमण (Anti-Encroachment) अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत मुख्य सड़कों और सार्वजनिक जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा भी देखने को मिला।

डीएम के निर्देश पर चला पीला पंजा

मिली जानकारी के मुताबिक, जिले की सड़कों को जाम-मुक्त बनाने और सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी ने सख्त आदेश जारी किए थे। इसी क्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, नगर पालिका प्रशासन और भारी पुलिस बल के साथ संयुक्त टीम गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में पहुंची। टीम ने बिना किसी रियायत के सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानों, पक्के निर्माणों, शेड और चबूतरों को बुलडोजर (पीले पंजे) की मदद से ढहाना शुरू कर दिया।

टीम और स्थानीय लोगों के बीच हुई तीखी नोकझोंक

जैसे ही प्रशासनिक अमले ने बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की, मौके पर व्यापारियों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ दुकानदारों और रसूखदारों ने इस सरकारी कार्रवाई का पुरजोर विरोध करने का प्रयास किया, जिसके चलते प्रशासनिक टीम और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और कहासुनी हुई। हालांकि, मौके पर मुस्तैद भारी पुलिस बल ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया और उपद्रवियों को खदेड़कर अभियान को लगातार जारी रखा।

नगर पालिका क्षेत्र में भी लगातार जारी है अभियान

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल गढ़मुक्तेश्वर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरी नगर पालिका क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों और मुख्य बाजारों में भी समानांतर रूप से चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों और भू-माफियाओं को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे स्वयं ही सार्वजनिक रास्तों और सरकारी जमीनों से अपना अवैध कब्जा हटा लें, अन्यथा न सिर्फ उनके निर्माण तोड़े जाएंगे बल्कि भारी जुर्माना वसूलने के साथ-साथ कानूनी मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।

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