प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के अंतर्गत आने वाले नगर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस महकमे को हिलाकर रख देने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक महिला ने अपने पुलिस सिपाही पति और विभाग की ही एक अन्य महिला सिपाही के बीच चल रहे अवैध संबंधों का भंडाफोड़ करते हुए दोनों को एक कमरे के भीतर अनुचित अवस्था में रंगेहाथों दबोच लिया। इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और कोतवाली तक हाई-वोल्टेज ड्रामे की स्थिति बनी रही। पीड़ित महिला का आरोप है कि उसका पति कानून की आड़ लेकर लगातार उसके साथ धोखाधड़ी कर रहा था और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।
पीड़ित विवाहिता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, उसका विवाह उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात सिपाही के साथ हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद ही उसके पति के संबंध विभाग में ही तैनात एक अन्य महिला सिपाही से हो गए। आरोप है कि दोनों सिपाहियों ने पहली पत्नी को बिना बताए और कानूनी तौर पर तलाक दिए बिना ही आपस में दूसरी शादी रचा ली और नगर कोतवाली क्षेत्र के एक रिहाइशी इलाके में साथ रहने लगे। पीड़ित महिला को जब इस बात की भनक लगी, तो उसने अपने परिजनों के साथ मिलकर उक्त ठिकाने पर औचक दबिश दी, जहाँ उसका पति और महिला सिपाही एक साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। रंगेहाथों पकड़े जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों ने शर्मिंदा होने के बजाय पीड़िता के साथ गाली-गलौज और जमकर मारपीट की, तथा जबरन उसके गले से सोने की चेन छीनकर उसे घर से बाहर खदेड़ दिया।
इसके साथ ही पीड़ित महिला ने अपने सिपाही पति और महिला सिपाही पर दहेज उत्पीड़न का भी बेहद गंभीर आरोप मढ़ दिया है। महिला का कहना है कि शादी के बाद से ही उसका पति खुश नहीं था और वह लगातार मायके से एक लग्जरी कार और पैतृक जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रहा था, जिसमें महिला सिपाही भी उसका पूरा साथ दे रही थी। मांग पूरी न होने पर उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था। इस खौफनाक और हिंसक घटना के बाद डरी-सहमी पीड़िता सीधे प्रतापगढ़ के पुलिस कप्तान (SP) कार्यालय पहुंची और शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि चूंकि आरोपी खुद पुलिस विभाग में हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर उसकी सुनवाई नहीं हो रही है और उसे आशंका है कि दोनों मिलकर उसकी हत्या करवा सकते हैं।
मामले की संवेदनशीलता और खाकी की साख से जुड़े होने के कारण एसपी कार्यालय ने इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से नगर कोतवाली पुलिस को इस मामले में जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही पुलिस उपाधीक्षक (CO) को पूरे प्रकरण की विभागीय जांच सौंप दी गई है, ताकि दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनहीनता और अनैतिक आचरण के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक एवं विभागीय कदम उठाए जाएंगे, जिससे विभाग की छवि धूमिल न हो।