विधि संवाददाता, पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय (डब्लू पी) / गैंगस्टर एक्ट अनु सक्सेना की अदालत ने शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त दीपक को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास और 17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अभियोजन कथानक के अनुसार, थाना सुनगढ़ी क्षेत्र की एक कॉलोनी की रहने वाली युवती शहर के एक पिज्जा रेस्टोरेंट में काम करती थी। अक्टूबर 2022 में उसकी मुलाकात फिनिक्स मॉल के पीछे मोहल्ला छोटी बिहारी कॉलोनी (इज्जत नगर, बरेली) निवासी दीपक से हुई थी। आरोप है कि दीपक ने युवती को अपने जाल में फंसा लिया और एक रात करीब आठ बजे उसे अपने चाचा के मकान (जीवन रेखा डायग्नोस्टिक सेंटर के सामने वाली गली) ले गया, जहाँ निर्माणाधीन मकान के एक कमरे में उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने और चुप रहने पर शादी करने का वादा किया।
इसके बाद भी आरोपी शादी का झांसा देकर युवती के साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा और अपने चाचा-चाची व चचेरी बहन से भी मिलाया। 10 मार्च 2023 को जब युवती ने शादी की तारीख तय करने की बात कही, तो आरोपी और उसके परिजन टालमटोल करने लगे। कुछ समय बाद आरोपी व उसके परिवार वालों ने डेढ़ लाख रुपये लेकर पीछा छोड़ने तथा शादी से साफ इनकार करते हुए शिकायत करने पर जान से मारने व लाश गायब करने की धमकी दी।
पीड़िता की तहरीर पर थाना सुनगढ़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रवि गंगवार ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष गवाह प्रस्तुत किए। वहीं आरोपी पक्ष ने स्वयं को निर्दोष बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा पत्रावली का गहन अवलोकन करने के पश्चात आरोपी दीपक को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सजा व 17 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।