पीलीभीत। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जिला कारागार पीलीभीत में 28 और 29 सितंबर को ‘एचआईवी एवं टीबी इंटरवेंशन कार्यक्रम’ के तहत विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान प्रदेशभर के कारागारों एवं सुधार गृहों में 16 अगस्त से 30 सितंबर तक संचालित किए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
अभियान का उद्देश्य कारागारों में निरुद्ध बंदियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार से जोड़ना है।
अभियान के पहले दिन सुबह 10 बजे जिला जेल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश कुमार के दिशा-निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कारागार परिसर में स्वास्थ्य शिविर लगाया। इस दौरान जेल में निरुद्ध 252 कैदियों एवं बंदियों की एचआईवी, सिफलिस, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और टीबी जैसी बीमारियों की जांच की गई।

टीबी की स्क्रीनिंग के लिए पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का इस्तेमाल किया गया। इसके माध्यम से 102 बंदियों के डिजिटल एक्स-रे किए गए। जांच के दौरान संदिग्ध मरीजों को चिह्नित किया गया और उन्हें आगे के आवश्यक परीक्षण एवं उपचार प्रक्रिया से जोड़ने की कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि एचआईवी और टीबी जैसी बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए समय पर जांच, बीमारी की सटीक पहचान और नियमित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे स्वास्थ्य अभियानों के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें समय रहते उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
स्वास्थ्य जांच दल में सीनियर सुपरवाइजर राजेश कुमार गंगवार, लैब टेक्नीशियन रविन्द्र गंगवार, अनामिका गंगवार, रामनरेश, एसटीएलएस ठाकुर दास, डार्क रूम सहायक आरती वर्मा तथा प्रिजन कोऑर्डिनेटर नीतू शामिल रहीं।
