टनकपुर। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020 में शुरू किए गए “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत सीमांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह संयुक्त कार्यक्रम 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बीओपी टनकपुर चेक पोस्ट पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, 57वीं वाहिनी की बूम कंपनी के कमांडर श्री सौरभ पाटिल (सहायक कमांडेंट) और एसएसबी के कार्मिकों ने मुख्य भूमिका निभाई।
इस अभियान के अंतर्गत भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के नजदीकी गांवों—थपलियाल खेड़ा, टनकपुर और मनिहार गोठ के बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों को मानव तस्करी और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में नागरिकों को सचेत करते हुए बताया गया कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को नष्ट कर देता है, जिससे समाज में अपराध, घरेलू हिंसा और सड़क दुर्घटनाएं जैसी गंभीर सामाजिक समस्याएं बढ़ती हैं। युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करते हुए कहा गया कि यदि देश का भविष्य ही नशे की गिरफ्त में आ जाएगा, तो राष्ट्र की प्रगति पूरी तरह बाधित हो जाएगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से खुद नशे से दूर रहने और अपने परिवार व मित्रों को जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम में संदेश दिया गया कि खेल, योग, व्यायाम, शिक्षा और सकारात्मक जीवनशैली को अपनाकर ही एक नशामुक्त व स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।