​पीलीभीत। ग्रीष्मावकाश के उपरांत बुधवार को ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों का पुनः आगमन अत्यंत हर्ष, उल्लास और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जिससे विद्यालय प्रांगण एक बार फिर बच्चों की मधुर किलकारियों से जीवंत हो उठा। विद्यालय के पुनः आरंभ होने पर शिक्षकों ने सभी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया, जिससे लंबे अवकाश के बाद अपने मित्रों और गुरुजनों से मिलकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। विशेष रूप से प्री-नर्सरी (PNC) से के.जी. तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए पहले दिन को यादगार और आनंदमय बनाने हेतु किंडरगार्टन शिक्षिकाओं ने प्रवेश द्वार पर उन्हें स्नेहपूर्वक चॉकलेट व कैंडी भेंट की। नन्हे विद्यार्थियों के लिए परिसर में एक विशेष कार्टून मूवी शो का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं बल्कि चलचित्र गृह (थिएटर) जाने की व्यवहारिक प्रक्रिया जैसे—टिकट काउंटर से टिकट लेना, अपनी सीट खोजना, इंटरवल का महत्व और सार्वजनिक स्थानों पर कतारबद्ध चलने व स्वच्छता बनाए रखने जैसे शिष्टाचार सिखाना था। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पूजा छाबड़ा और प्रबंध निदेशक श्री देवेन्द्र सिंह छाबड़ा ने अपने संदेशों में कहा कि प्रारंभिक शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को व्यवहारिक जीवन के अनुभवों से परिचित कराकर उनमें आत्मनिर्भरता, सामाजिक व्यवहार और नैतिक मूल्यों का विकास करना है।
​इसी पावन और उत्सवमय अवसर पर विद्यालय में ‘राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस’ एवं ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस’ भी बेहद गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। इस दोहरे स्थापना दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. मुकेश पांडेय एवं डॉ. श्रेयशी पांडेय रहे, जिनका विद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान उप-प्रधानाचार्य डॉ. आरिज़ अल्वी ने मुख्य अतिथियों को स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में दोनों अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित दिनचर्या का पालन करने और शिक्षा के साथ-साथ मानवीय व नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने की सीख दी। इस दौरान प्रधानाचार्या श्रीमती पूजा छाबड़ा ने चिकित्सकों को समाज का सच्चा सेवक बताते हुए विद्यार्थियों को उनके प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता का भाव रखने के लिए प्रेरित किया।
​इस दिवस की महत्ता को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का परिचय दिया। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों ने नगर के प्रख्यात चिकित्सकों—डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. ओजस्वी, डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. रश्मि प्रकाश, डॉ. विपिन साहनी, डॉ. शगुन, डॉ. शांतनु, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. एस. के. मित्रा एवं डॉ. अनिल सक्सेना को अपने हाथों से तैयार किए गए हस्तनिर्मित शुभकामना कार्ड व संदेश भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार, देश की वित्तीय रीढ़ माने जाने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के योगदान को सराहते हुए विद्यार्थियों ने सी.ए. मुदित अग्रवाल एवं सी.ए. नेहा अग्रवाल सहित नगर के अन्य प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को भी शुभकामना कार्ड सौंपकर राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति सम्मान प्रकट किया।
​कार्यक्रम के समापन सत्र में विद्यालय के प्रबंधक देवेन्द्र सिंह छाबड़ा ने दोनों दिवसों के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस महान चिकित्सक, शिक्षाविद् और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती व पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में उनकी निस्वार्थ सेवा को नमन करने के लिए मनाया जाता है। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स दिवस देश की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सीए बिरादरी की भूमिका को सम्मानित करने का प्रतीक है। पूरे कार्यक्रम का समापन उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा समाज के प्रति सेवा, ईमानदारी, निरंतर सीखने और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों को जीवन में अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi