नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता के ताराताला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। इस हादसे में कम से कम पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए थे।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 24 जून 2026 को हुए हादसे के दौरान निर्माण स्थल पर करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान निर्माणाधीन गोदाम की लोहे की संरचना का कंक्रीट ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। बताया गया कि 12 से 15 मजदूर मलबे में फंस गए थे।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्वीकृत भवन योजना में खामियों के कारण यह दुर्घटना हुई।
एनएचआरसी ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्टों में उल्लिखित तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है।
आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, कोलकाता पुलिस आयुक्त और नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने रिपोर्ट में जांच की वर्तमान स्थिति, हादसे के कारणों और मृतकों व घायलों के परिजनों को दिए गए मुआवजे का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।