लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से ही राजनीतिक दलों के बीच शह और मात का खेल शुरू हो गया है। मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी पर चौतरफा हमला बोला. पार्टी के प्रांतीय मुख्य प्रवक्ता द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अखिलेश यादव ने वर्तमान सरकार के कामकाज पर कड़े सवाल खड़े करते हुए भाजपा को “ठगों की पार्टी” की संज्ञा दी. उन्होंने कड़े शब्दों में दावा किया कि वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सूबे की त्रस्त जनता अपने मतों की ताकत से प्रदेश की सत्ता से भाजपा का पूरी तरह सूपड़ा साफ करने का मन बना चुकी है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था और आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार में महंगाई, प्रशासनिक भ्रष्टाचार, महिला अपराध, आम जनता पर अन्याय और सरकारी तंत्र की शह पर लूट का खेल अपने चरम स्तर पर पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार केवल विज्ञापनों में विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि धरातल पर युवा बेरोजगार घूम रहे हैं और किसान बदहाली के आंसू रो रहे हैं. अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी और भाजपा के जनविरोधी चेहरे को बेनकाब करने का काम जारी रखेगी।
अपने जारी बयान के अंतिम हिस्से में अखिलेश यादव ने हाल ही में चर्चा में आए अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में चढ़ावे की कथित चोरी और भगवान के आभूषणों के गबन के गंभीर मामले को लेकर सरकार पर तीखे बाण छोड़े. उन्होंने कहा कि जो सरकार भगवान के दरबार को सुरक्षित नहीं रख सकती और जहां आस्था के नाम पर इस तरह का बड़ा छल और हेराफेरी हो रही हो, उस भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को तत्काल देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें इस कृत्य पर शर्म आनी चाहिए. इस हाई-प्रोफाइल बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति का पारा अचानक बेहद गरमा गया है, और कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी सत्रों में इस मुद्दे को लेकर विधानसभा के भीतर भी भारी हंगामा देखने को मिल सकता है।