सितारगंज। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सितारगंज के दो छात्रों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है। देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत पिथौरागढ़ में आयोजित बूट कैंप में छात्रों जतिन गुप्ता और विष्णुपद हालदार के बिजनेस आइडिया का चयन किया गया। इसके बाद दोनों छात्रों ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), काशीपुर में आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) में प्रतिभाग किया।
बृहस्पतिवार को छात्रों ने बताया कि उनका बिजनेस आइडिया हैंडीक्राफ्ट, रेजिन आर्ट और स्केचिंग पर आधारित है। इसके तहत वे रेजिन आर्ट से की-चेन, नेम प्लेट, फोटो फ्रेम और विभिन्न सजावटी वस्तुएं तैयार करने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा हस्तनिर्मित उपहार और पेंसिल स्केच भी उनके प्रस्तावित उत्पादों में शामिल हैं।
दोनों छात्रों की योजना अपने उत्पादों को सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाने की है। इससे उन्हें अपनी रचनात्मकता को व्यवसाय में बदलने और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पिथौरागढ़ में आयोजित बूट कैंप में बिजनेस आइडिया चयनित होने के बाद आईआईएम काशीपुर में आयोजित ईडीपी कार्यक्रम में उन्हें उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने व्यावसायिक योजना तैयार करने, बाजार की मांग का आकलन करने, उत्पादों की कीमत निर्धारित करने, विपणन और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों की जानकारी प्राप्त की।
दोनों छात्रों की यह पहल रचनात्मक कौशल को व्यावसायिक अवसर में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि उनकी योजना के अनुसार उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुंचाए जाते हैं, तो इससे उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।