पीलीभीत। निर्वाचक नामावली में गड़बड़ी और बिना दस्तावेजों के प्रविष्टि पर बड़ी कार्रवाई, पूर्व एसडीएम समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
पीलीभीत के कोतवाली थाने में निर्वाचक नामावलियों में व्यापक अशुद्धियों और बिना ऑफलाइन या ऑनलाइन अभिलेखों के हजारों फॉर्म स्वीकृत किए जाने के मामले में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कानूनी कार्रवाई सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कृष्ण कुमार कश्यप की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर अमल में लाई गई है।
इस मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951, 1989 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 201 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस प्रकरण में तत्कालीन उपजिलाधिकारी अमरिया व निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मयंक गोस्वामी, तत्कालीन उपजिलाधिकारी अमरिया व निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी हेमंत कुमार और वीआरसी पीलीभीत के कंप्यूटर सहायक अनिल कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया है।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वीआरसी कार्यालय द्वारा 31 मई 2026 से 29 अगस्त 2026 के बीच कुल 13,779 फॉर्मों की प्रविष्टियां की गईं, जिनमें से मयंक गोस्वामी के कार्यकाल के दौरान 4,717 और हेमंत कुमार के कार्यकाल में 17 जुलाई 2026 के बाद 9,062 फॉर्मों की प्रविष्टि की गई। कुल 10,470 फॉर्मों को स्वीकृत तथा 3,309 फॉर्मों को अस्वीकृत किया गया, जबकि इनका कोई भी मूल ऑफलाइन या ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। यह पूरी प्रक्रिया मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल मार्च 2023 के अध्याय-11 के पैरा 11.4.6 और निर्धारित एसओपी के नियमों के विपरीत पाई गई, जिसमें ईआरओ द्वारा तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। फिलहाल इस पूरे मामले की अग्रिम जांच कोतवाली थाने के इंस्पेक्टर सतीश कुमार को सौंपी गई है।