सितारगंज/खटीमा। सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों को पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और पशुपालन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), सितारगंज ने नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। भारत-नेपाल सीमा से सटे वाइब्रेंट गांव सिसैया में आयोजित शिविर में 143 पशुओं का उपचार किया गया, जिससे 32 ग्रामीण लाभान्वित हुए।
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को कार्यवाहक कमांडेंट श्रीमती प्रियदर्शनी निहारिका राय के निर्देशन में आयोजित शिविर का नेतृत्व पीलीभीत स्थित क्षेत्रक मुख्यालय के कमांडेंट (पशु चिकित्सा) डॉ. गुरविंदरजीत सिंह ने किया। शिविर में ग्रामीण अपने पशुओं को लेकर पहुंचे। पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ आवश्यकतानुसार नि:शुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

पशुओं की बीमारियों और बचाव के उपाय बताए
शिविर के दौरान पशु चिकित्सक ने पशुपालकों को बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, कृमिनाशन (डी-वॉर्मिंग), प्रजनन संबंधी समस्याओं, मिल्क फीवर और कीटोसिस जैसी बीमारियों के लक्षण, बचाव के उपाय और उपचार संबंधी जानकारी दी गई।
पशुपालकों को पशुओं के रखरखाव, खानपान और बेहतर देखभाल के बारे में भी बताया गया। साथ ही नाबार्ड के माध्यम से पशुपालन के लिए ऋण की संभावनाओं और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, ताकि ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर विकसित हो सकें।

ग्रामीणों ने SSB की पहल को सराहा
शिविर के दौरान निरीक्षक मोहर सिंह, मुख्य आरक्षी हरमुख सिंह सहित SSB के कई जवान मौजूद रहे। गांव के गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और सीमावर्ती क्षेत्र में नागरिक कल्याण के लिए सशस्त्र सीमा बल की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. गुरविंदरजीत सिंह ने उपस्थित ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी सशस्त्र सीमा बल की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में आम नागरिकों के कल्याण और उत्थान के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।