पीलीभीत। जिले में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) रोशनी सिंह ने जिले भर में अवैध रूप से संचालित गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों और अमान्य कक्षाओं पर शिकंजा कसने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को एक आधिकारिक आदेश जारी कर तीन दिन की सख्त मोहलत दी गई है। जारी निर्देशों के तहत बीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों में अमान्य रूप से चल रही कक्षाओं और बिना मान्यता वाले स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए रोशनी सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में केवल वही विद्यालय संचालित किए जा सकेंगे जो ‘निःशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009’ में निहित प्रावधानों के अनुरूप होंगे। विभाग द्वारा जिस विद्यालय को जिन कक्षाओं तक की मान्यता दी गई है, उससे अधिक या इतर संचालित की जाने वाली कक्षाओं को पूरी तरह से अवैध माना जाएगा। बीएसए ने दो टूक चेतावनी दी है कि ऐसे सभी मामलों को अमान्य कक्षा करार देकर तुरंत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अभियान के तहत बीएसए ने पूरनपुर क्षेत्र के 42 विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर रडार पर लिया है। इन सभी चिह्नित विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से पठन-पाठन बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, जिले के अन्य सभी ब्लॉकों में भी अमान्य कक्षाओं और गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को चिह्नित करने का कार्य तेजी से जारी है। जल्द ही पूरे जिले की सूची तैयार कर औचक निरीक्षण और छापेमारी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विभाग ने विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए साफ किया है कि यदि कोई भी संस्थान आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत संचालित होता पाया गया, तो संबंधित प्रधानाध्यापक और प्रबंधक के विरुद्ध सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी की इस सख्त रुख और छापेमारी की तैयारी की खबर से जिले भर के अवैध स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। बीएसए ने कहा कि अमान्य स्कूलों को बंद कराने के साथ ही नियमानुसार सख्त कानूनी और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।