टिहरी। पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के संस्थान भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान (आईआईएसएम), गुलमर्ग की ओर से टिहरी झील में वाटर स्कीइंग के प्रशिक्षण कोर्स आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी झील में बेसिक, इंटरमीडिएट और एडवांस स्तर के तीन वाटर स्कीइंग कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
इन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागी हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। इस वर्ष कुल 28 प्रतिभागियों ने नामांकन कराया था, जिनमें से 24 प्रतिभागियों ने संस्थान में रिपोर्ट किया है।
संस्थान के अनुसार, टिहरी झील का स्वच्छ और अनुकूल जल वाटर स्पोर्ट्स तथा वाटर स्कीइंग के लिए उपयुक्त है। झील का पानी साफ होने के साथ ही यहां का प्राकृतिक वातावरण और लोकेशन वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए बेहतर मानी जा रही है। इसी को देखते हुए पर्यटन मंत्रालय की ओर से इस वर्ष भी टिहरी झील में तीन वाटर स्कीइंग कोर्स संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
आईआईएसएम गुलमर्ग के प्रधानाचार्य कर्नल ईश्वर सिंह थापा, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल ने बताया कि संस्थान का विजन उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसी उद्देश्य के तहत इस वर्ष उत्तराखंड में तीन वाटर स्कीइंग कोर्स टिहरी झील में और दो रिवर राफ्टिंग कोर्स ऋषिकेश में संचालित करने की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से उत्तराखंड में पर्यटन को नई दिशा दी जा सकती है। टिहरी झील में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्थानीय स्तर पर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ देशभर के युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर भी मिल रहा है।
टिहरी झील में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उनके स्तर के अनुसार वाटर स्कीइंग की तकनीक और आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बेसिक से लेकर एडवांस स्तर तक के पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों की क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर आईआईएसएम गुलमर्ग की असिस्टेंट डायरेक्टर रेनू बामरारा, कोर्स इंचार्ज प्रवीण सिंह, इंस्ट्रक्टर अरविंद, खलील, शबीर तथा स्टूडेंट्स इश्वीन, अमलेश, कुश, निकिता, अस्मित मित्तल, नेहा जोशी, गौरी, वर्षा अग्रवाल, अनुराग पांडे सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।