पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में गांधी सभागार में जिला श्रम बंधु समिति एवं बाल श्रम उन्मूलन जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के सम्मानित सदस्यों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान श्रम प्रवर्तन अधिकारी शशिकला ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’ और ‘प्रधानमंत्री लघु व्यापारी योजना’ के बारे में बताते हुए कहा कि ये पेंशन योजनाएं 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के श्रमिकों के लिए हैं। योजना के तहत किसी भी जनसुविधा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण कराया जा सकता है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद लाभार्थी को न्यूनतम 3,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने का प्रावधान है।
बैठक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं, श्रमिक पंजीकरण की प्रक्रियाओं तथा बाल श्रम उन्मूलन से जुड़े कानूनों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। श्रम विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी दुकान, प्रतिष्ठान या निर्माण स्थल पर 18 वर्ष से कम आयु के बाल या किशोर श्रमिकों से काम कराना गैरकानूनी है। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने नगर पालिका, नगर पंचायत और ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाकर पात्र श्रमिकों का अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।