विधि संवाददाता, पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अनु सक्सेना ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में अंतिम सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों को दोषी पाया है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाने के साथ ही प्रत्येक पर ₹5,000 के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला वर्ष 2016 का है, जब थाना दियोरिया कला के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सिकंदर सिंह यादव ने 28 जुलाई 2016 को क्षेत्र में गश्त के दौरान मिले इनपुट के आधार पर मामला दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार, कस्बा निवासी यूनुस ने एक संगठित गिरोह बना रखा था, जिसके सक्रिय सदस्य ग्राम मीरपुर रतनपुर निवासी अकील और शानू थे। ये लोग अपने आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर अवैध धन अर्जित करते थे। क्षेत्र में इनका भय और आतंक इतना था कि लोग इनके खिलाफ गवाही देने से डरते थे।
पुलिस ने मामले की गहन विवेचना के उपरांत आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल किया था। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ल ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष आवश्यक साक्ष्य व गवाह प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष ने अभियुक्तों को निर्दोष बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के पश्चात अकील और शानू को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। मामले के मुख्य अभियुक्त यूनुस की पत्रावली पृथक कर पूर्व में ही निर्णीत की जा चुकी है।