भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार के इस बड़े कदम के बाद अब विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेश में कानून के रूप में लागू किया जा सकेगा।
प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के तहत सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य व्यक्तिगत मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रावधान है। विधेयक में तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने के साथ ही बहुविवाह पर प्रतिबंध का प्रावधान भी किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कानून लागू होने के बाद एक से अधिक विवाह करना अपराध की श्रेणी में आएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विवाह के साथ-साथ उत्तराधिकार के मामलों में भी पुरुषों के समान अधिकार दिए जाएंगे। पैतृक संपत्ति में बेटियों को बराबर का हक देने पर भी जोर दिया गया है।
विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने या लिव-इन व्यवस्था के दुरुपयोग पर 5 साल तक की सजा का प्रावधान बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य समाज में समानता, सामाजिक न्याय और सभी नागरिकों को समान अधिकार उपलब्ध कराना है। अब विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही कानून का अंतिम रूप लेगा।