पीलीभीत। पीलीभीत-पूरनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गजरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गढ़ा (माला) जंगल में मंगलवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। करीब दोपहर 2:00 बजे हुए इस हादसे में एक स्कूटी सवार व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद कैंटर चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम रूपपुर कमालू निवासी हरिओम (51 वर्ष) पुत्र रोशनलाल के रूप में हुई है। वह अपनी एक्टिवा स्कूटी (संख्या UK06BP6556) से पूरनपुर की ओर जा रहे थे, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार अशोक लीलैंड कैंटर (संख्या UP78JN6958) से उनकी आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हरिओम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


​घटना की सूचना मिलते ही गजरौला थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय की मोर्चरी भिजवा दिया और मृतक के रोते-बिलखते परिजनों को हादसे की सूचना दी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी और कैंटर दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है और फरार चालक की तलाश के साथ-साथ मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा सुचारू कराया।


​हादसों का ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुका है गढ़ा (माला) जंगल
​गजरौला क्षेत्र का यह गढ़ा (माला) जंगल लंबे समय से लगातार होने वाले सड़क हादसों के कारण बेहद बदनाम और संवेदनशील ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुका है। इस घुमावदार और घने वन क्षेत्र वाले मार्ग पर पहले भी कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर अपंगता का शिकार हुए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी वाहनों की अत्यधिक रफ्तार, तीखे मोड़ और आवश्यक सुरक्षा उपायों व संकेतकों की भारी कमी के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
​इसके अलावा, गजरौला कस्बे में भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण, अव्यवस्थित यातायात और अनियोजित कटों व डिवाइडरों से टकराने के कारण अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थानीय क्षेत्रवासी और राहगीर लंबे समय से प्रशासन से इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता व स्थाई इंतजाम करने, प्रभावी ट्रैफिक नियंत्रण लागू करने तथा इन चिन्हित ब्लैक स्पॉटों पर गति सीमा नियंत्रण यंत्र (स्पीड ब्रेकर) और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे असमय हादसों और जनहानि को रोका जा सके।

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