झाँसी/जालौन । उत्तर प्रदेश पुलिस की शुचिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक अत्यंत सनसनीखेज मामला सामने आया है। झाँसी जनपद की स्वाट और स्थानीय पुलिस टीम ने संयुक्त विधिक कार्रवाई करते हुए जालौन पुलिस लाइन में तैनात तीन सिपाहियों को ₹24.90 लाख की लूट के विधिक अपराध में गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा मामले का त्वरित संज्ञान लेते हुए तीनों आरोपी पुलिसकर्मियों को विधिक रूप से तत्काल निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ विधिक धाराओं के तहत डकैती व लूट का मुकदमा पंजीकृत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
सूरत के ड्राई फ्रूट व्यापारी के मुंशी को क्रेटा कार में बंधक बनाकर लूटे थे रुपये
प्राप्त प्रामाणिक और विधिक जानकारी के अनुसार, गुजरात के सूरत शहर के एक प्रतिष्ठित ड्राई फ्रूट कारोबारी का मुंशी व्यापारिक लेन-देन के सिलसिले में भारी नगद धनराशि लेकर झाँसी-जालौन हाईवे से गुजर रहा था। विधिक प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक, जालौन पुलिस लाइन में तैनात सिपाही मनोज, राघवेंद्र और नीरज ने बकायदा सरकारी महकमे से छुट्टी (Leave) ले रखी थी और वे एक निजी क्रेटा कार के जरिए मुंशी की रेकी कर रहे थे। हाईवे पर सुनसान स्थान पाकर इन तीनों वर्दीधारी आरोपियों ने मुंशी को जबरन रोक लिया और डरा-धमकाकर उसे अपनी क्रेटा कार के भीतर खींच लिया। कार के भीतर मुंशी को बंधक बनाकर आरोपियों ने उसके पास मौजूद ₹24,90,000 नगद कैश लूट लिया और उसे सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से खुली खाकी की पोल, विभागीय जांच शुरू
वारदात के पश्चात पीड़ित मुंशी द्वारा स्थानीय पुलिस को घटना की विधिक सूचना दी गई। हाईवे पर हुई इतनी बड़ी लूट से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और जांच के लिए झाँसी पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। सर्विलांस और हाईवे के विभिन्न टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के डिजिटल फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस को संदिग्ध सफेद क्रेटा कार का विधिक सुराग हाथ लगा। जब कार के स्वामित्व और उसमें सवार लोगों की तकनीकी जांच की गई, तो उसके तार सीधे जालौन पुलिस लाइन में तैनात उक्त तीनों सिपाहियों से जुड़े पाए गए। झाँसी पुलिस ने बिना समय गंवाए दबिश देकर सिपाही मनोज, राघवेंद्र और नीरज को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से लूट की विधिक धनराशि और वारदात में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (IG) कार्यालय द्वारा इस मामले में तीनों के खिलाफ बर्खास्तगी की विधिक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।