अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद अंतर्गत थाना क्वार्सी पुलिस ने न्याय प्रणाली और पुलिस तफ्तीश को प्रभावित करने के एक बेहद गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने एक हत्याकांड की विवेचना कर रहे जांच अधिकारी (विवेचक) को विधिक कार्रवाई से बचने और केस को रफा-दफा करने के उद्देश्य से 2 लाख रुपये की नगद रिश्वत देने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के पास से घूस की संपूर्ण धनराशि और जमानत संबंधी विधिक कागजात भी बरामद कर लिए हैं। इस कार्रवाई के बाद से अपराधियों और उनके संरक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है।

हत्या में नामजद दो सगे भाइयों को बचाने के लिए बुना गया था जाल
प्राप्त विधिक और प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा सनसनीखेज मामला क्वार्सी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चल रही एक हत्या के मुकदमे की जांच से जुड़ा हुआ है। इस हत्याकांड में दो सगे भाई मुख्य रूप से नामजद आरोपी हैं। इन दोनों आरोपियों को कानूनी शिकंजे और जेल जाने से बचाने के लिए एक युवक ने केस के मुख्य विवेचक से संपर्क साधा था। आरोपी ने दरोगा पर दबाव बनाने और जांच का रुख मोड़ने के लिए 2 लाख रुपये नगद की पेशकश की थी। विवेचक ने ईमानदारी का परिचय देते हुए इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी और त्वरित रणनीति के तहत आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया गया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज, आरोपी भेजा गया जेल
क्वार्सी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से 2 लाख रुपये नगद कैश और आरोपियों की जमानत प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी प्रपत्रों को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, जांच को प्रभावित करने और विधिक अधिकारी को प्रलोभन देने के इस संगीन अपराध में आरोपी युवक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत और बेहद कठोर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर विधिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इस घूसकांड के पीछे मुख्य हत्यारोपियों के अलावा और कौन-कौन से सफेदपोश लोग शामिल थे।


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