पीलीभीत। जनपद में मंगलवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते जहाँ एक ओर प्रशासनिक दावों की पोल खुल गई और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त नजर आया, वहीं दूसरी ओर सूखे की मार झेल रहे अन्नदाताओं के लिए यह मानसूनी फुहारें संजीवनी बनकर आईं। जिले के अमरिया और बीसलपुर क्षेत्रों में सुबह से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया, जिसके बाद कहीं जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई तो कहीं खेतों में पानी देखकर किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
अमरिया क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुई तेज बरसात के कारण तहसील मुख्यालय पूरी तरह जलमग्न दिखाई देने लगा है। तहसील भवन के मुख्य हिस्से के सामने से लेकर अधिवक्ताओं के चैंबरों तक कई फीट पानी भरा हुआ है, जिसके चलते अपने प्रशासनिक कार्यों और वादों के सिलसिले में आने वाले वादकारियों के सामने भारी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। आलम यह है कि लोगों को अपनी जनसमस्याओं के निराकरण के लिए विवश होकर गंदे पानी में घुसकर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील मुख्यालय के भवन निर्माण के समय मिट्टी भराव के कार्य में हुई लेटलतीफी और पानी की सही निकासी की व्यवस्था न होने के कारण यह स्थिति बनी है। यदि आने वाले दिनों में और अधिक बरसात होती है, तो पूरे तहसील परिसर में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आएगा, जिससे वकीलों और आम जनता की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

दूसरी ओर, बीसलपुर तहसील क्षेत्र में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे से ही आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जो लगभग 3 घंटे तक लगातार जारी रहा। सुबह-सुबह आई इस तेज आंधी और बारिश से जहां जनजीवन घंटों प्रभावित रहा, वहीं बीसलपुर-पीलीभीत मार्ग, बीसलपुर-बरेली मार्ग और बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग सहित कई मुख्य मार्गों पर जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। हालांकि, इस बारिश ने नगर वासियों की मुश्किलें जरूर बढ़ाईं, लेकिन ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए यह वरदान साबित हुई। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे और मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर टकटकी लगाए बैठे किसानों को अब धान की रोपाई के लिए पंपिंग सेटों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। खेतों में भरपूर पानी जमा हो जाने से किसानों का हजारों रुपये का डीजल बच गया है, जिससे उत्साहित होकर अन्नदाताओं ने सुबह से ही खेतों का रुख कर धान की रोपाई की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं।