मुंबई। देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया अंशकालिक (Part-time) चेयरमैन नियुक्त किया है। बैंक के शीर्ष नेतृत्व में यह बड़ा बदलाव पिछले दिनों हुए एक विवादित इस्तीफे के बाद किया गया है।

इस हाई-प्रोफाइल कॉर्पोरेट नियुक्ति से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:

3 साल का होगा कार्यकाल, आरबीआई की मंजूरी का इंतजार

  • निदेशक मंडल की हरी झंडी: एचडीएफसी बैंक ने शेयर बाजारों (Stock Exchanges) को दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया कि सोमवार को हुई बैंक के निदेशक मंडल (Board of Directors) की बैठक में राजीव कुमार की नियुक्ति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
  • आरबीआई की स्वीकृति के बाद शुरू होगा समय: बैंक के अनुसार, राजीव कुमार का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से इस नियुक्ति को अंतिम स्वीकृति मिलने वाले दिन से ही उनका यह कार्यकाल आधिकारिक रूप से प्रारंभ माना जाएगा।
  • शानदार प्रशासनिक अनुभव: राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के एक बेहद अनुभवी अधिकारी रहे हैं। केंद्र सरकार में वित्त सचिव और देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त जैसे बेहद महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का उनका लंबा अनुभव अब बैंक के काम आएगा।

अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद खाली हुआ था पद

  • नैतिक मूल्यों का हवाला देकर छोड़ा था पद: एचडीएफसी बैंक के तत्कालीन चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस साल 18 मार्च को अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से यह पद खाली चल रहा था।
  • इस्तीफे की वजह रही थी चर्चा में: अतनु चक्रवर्ती ने अपने त्यागपत्र में बेहद चौंकाने वाली बात लिखी थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि पिछले दो वर्षों के दौरान उन्होंने बैंक में कुछ ऐसी गतिविधियां देखीं, जो उनके निजी नैतिक मूल्यों (Personal Ethical Values) के बिल्कुल विपरीत थीं और इसी वजह से वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं।

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