लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJPR) ने भी यूपी की चुनावी राजनीति में सीधे उतरने का बड़ा फैसला किया है। पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर संगठन विस्तार की तैयारियां तेज कर दी हैं। उन्होंने साफ किया है कि पार्टी यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूती के साथ अपनी किस्मत आजमाएगी।

लखनऊ में मनेगी रामविलास पासवान की जयंती, शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

यूपी में अपने राजनीतिक मिशन का शंखनाद करने के लिए चिराग पासवान ने एक बड़ी रणनीतिक घोषणा की है। उन्होंने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी इस बार संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़े पैमाने पर मनाएगी। इस आयोजन को एलजेपीआर (LJPR) के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने का संदेश देगी।

दलित और वंचित वर्ग की मजबूत आवाज बनने का लक्ष्य

चिराग पासवान का मुख्य ध्यान उत्तर प्रदेश के विशाल दलित, शोषित और वंचित समाज पर है। उन्होंने कहा कि यूपी में दलित और पिछड़े वर्ग को एक मजबूत राजनीतिक मंच और आवाज देने की सख्त जरूरत है, जिसे एलजेपीआर पूरा करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान का यह कदम यूपी के मौजदा राजनीतिक समीकरणों में एक नया त्रिकोण पैदा कर सकता है, खासकर उन सीटों पर जहाँ दलित मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका में है।


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