पीलीभीत। आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में गांधी सभागार में जिला स्तरीय पीस कमेटी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए धर्मगुरुओं, ताजिएदारों और संभ्रांत नागरिकों के साथ सीधा संवाद किया गया। जिलाधिकारी ने सभी से त्योहार को प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने की अपील करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्व के दौरान कोई भी नई परंपरा न डाली जाए और सभी कार्यक्रम पूर्व की भांति ही आयोजित किए जाएं। उन्होंने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से अपील की कि इस बार ताजियों की ऊंचाई 10 फीट से अधिक न रखी जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को कड़े निर्देश दिए कि मुहर्रम के मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास साफ-सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था की जाए। उन्होंने सड़कों के गड्ढे भरने और आवारा पशुओं पर नकेल कसने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर निराश्रित पशु किसी भी दशा में विचरण करते हुए न पाए जाएं। उन्होंने मुहर्रम को आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें ताकि जनसहभागिता के साथ इस पर्व को गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने कानून व सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ताजिएदारों और जुलूस के आयोजकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुलूस को अनुशासित और व्यवस्थित रखने के लिए आयोजक व उनके स्वयंसेवक साथ में रस्सी लेकर चलें, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित न हो। पुलिस अधीक्षक ने साफ तौर पर निर्देशित किया कि ताज़िया जुलूस में डीजे का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और सभी जुलूस केवल अपने पूर्व निर्धारित व पारंपरिक मार्गों से ही निकाले जाएंगे।
सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंधों को लेकर पुलिस अधीक्षक ने मातहत पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के पुराने विवादों और संवेदनशील प्रकरणों की गहन समीक्षा कर समय रहते उनका निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न होने पाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी सदर, सभी पुलिस क्षेत्राधिकारी, विभिन्न थानों के प्रभारी सहित भारी संख्या में संभ्रांत नागरिक और ताजिएदार उपस्थित रहे।