पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बरखेड़ा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने भाषण की शुरुआत बांग्लादेश, पाकिस्तान और जिन्ना के उल्लेख से करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर दशकों पहले पीलीभीत पहुंचे हजारों परिवारों को भौमिक अधिकार (भूमि स्वामित्व) के प्रमाण-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने मंच से ऐलान किया कि अब दुनिया की कोई ताकत इन परिवारों को उनकी जमीन से बेदखल नहीं कर सकती।
विस्थापित परिवारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 55-56 वर्ष पहले धार्मिक उत्पीड़न के कारण पूर्वी बंगाल से निकाले गए हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवार दशकों से अपने अधिकारों के लिए भटक रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आज उन्हें सम्मानपूर्वक भूमि का मालिकाना हक मिला है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह प्रमाण-पत्र केवल कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए ‘पुनर्जीवन’ का दस्तावेज है। पहले चरण में लगभग 2,500 विस्थापित परिवारों के करीब 15 हजार लोग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। बाराबंकी, बिजनौर और रामपुर के बाद अब पीलीभीत में प्रथम चरण की प्रक्रिया संपन्न हो रही है, और वन विभाग व भारत सरकार के स्तर पर लंबित मामलों को भी जल्द ही सुलझाकर अधिकार दिलाए जाएंगे।

कांग्रेस और सपा पर विभाजन व तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस की सत्ता लोलुपता का परिणाम था। यदि तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व दृढ़ता दिखाता तो भारत का विभाजन नहीं होता और लाखों हिंदुओं को अपनी जमीन छोड़कर शरणार्थी नहीं बनना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इन विस्थापित परिवारों की कभी सुध नहीं ली। योगी ने कहा कि अगर जिन्ना अपनी मौत मर गया होता तो भारत का दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन और हिंदुओं का कत्लेआम नहीं होता। वहीं समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस दोनों ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है और इन्हें गरीब, दलित व पिछड़े समाज की कभी चिंता नहीं रही।

सपा पर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश की जनता ने साइकिल को पंचर करके चलने लायक नहीं छोड़ा है। अगर साइकिल चलेगी तो दंगे होंगे, कर्फ्यू लगेगा, गुंडागर्दी होगी और गरीबों की जमीनों पर कब्जा होगा।” उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में माफिया खुलेआम घूमते थे, व्यापारियों से रंगदारी वसूली जाती थी और बहन-बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी। आज जिन जमीनों पर सरकारी गौशालाएं बनी हैं, उन पर पहले सपाइयों का अवैध कब्जा था। सपा के शीर्ष नेतृत्व पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “बबुआ 12 बजे उठेंगे, 2 बजे तैयार होंगे और 5 बजे जिम चले जाएंगे। ऐसे लोगों के पास गरीब, किसान और विस्थापित परिवारों के लिए समय कहां है? उनके लिए विकास का मतलब केवल सैफई और अपने परिवार तक सीमित रहा।”

प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से नारा दिया, “नो दंगा, नो कर्फ्यू… अब यूपी में सब चंगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों को संरक्षण देने का सवाल ही नहीं उठता। इसके साथ ही उन्होंने रक्षा और ढांचागत विकास का जिक्र करते हुए बताया कि लखनऊ के डिफेंस कॉरिडोर में अब ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। देश को इतना मजबूत होना चाहिए कि किसी भी हिंदू को दोबारा विस्थापित न होना पड़े। उन्होंने शामली से गोरखपुर होते हुए सिलीगुड़ी तक बनने वाले आर्थिक कॉरिडोर की चर्चा करते हुए कहा कि इससे पीलीभीत भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा और डबल इंजन सरकार बुलेट ट्रेन की गति से विकास कार्य जारी रखेगी।

इस भव्य जनसभा के दौरान मंच पर केंद्रीय मंत्री व सांसद जितिन प्रसाद, प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, गन्ना राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार, जिला प्रभारी गुलशन आनंद, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्ता नंद, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. दलजीत कौर, पूर्व जिला अध्यक्ष तथा पीयूसी के अध्यक्ष सुरेश गंगवार, संजीव प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री विनोद तिवारी, नगर पालिका पीलीभीत की अध्यक्ष डॉक्टर आस्था अग्रवाल, पूरनपुर के पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र गुप्ता, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सतपाल गंगवार,नगर पंचायत अध्यक्ष और भारी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिखा द्विवेदी ने किया।