पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के संरक्षण और आर्द्रभूमियों के प्रभावी प्रबंधन के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा कराई गई ग्रीष्मकालीन सारस गणना में पीलीभीत वन एवं वन्यजीव प्रभाग के लिए उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। 22 और 23 जून 2026 को आयोजित गणना में प्रभाग में कुल 108 सारस दर्ज किए गए, जिनमें 98 वयस्क और 10 बच्चे शामिल हैं। यह संख्या वर्ष 2025 की शीतकालीन गणना की तुलना में 10 अधिक है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), उत्तर प्रदेश के निर्देश पर पीलीभीत, बीसलपुर और पूरनपुर रेंज में यह गणना वन विभाग, पक्षी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, संरक्षण संस्थाओं, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों के सहयोग से संपन्न हुई। इसका उद्देश्य सारस की आबादी, वितरण और आवासीय क्षेत्रों का वैज्ञानिक आकलन कर संरक्षण योजनाओं को और प्रभावी बनाना है।

गणना के दौरान बीसलपुर रेंज में सर्वाधिक 65 सारस (55 वयस्क और 10 बच्चे) दर्ज किए गए। वहीं पीलीभीत रेंज में 25 वयस्क तथा पूरनपुर रेंज में 18 वयस्क सारस पाए गए।

वन विभाग के अनुसार, सारस स्वस्थ आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण संकेतक है। गणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अब प्रमुख प्रजनन और घोंसला स्थलों की पहचान की जाएगी तथा संभावित खतरों का आकलन कर वैज्ञानिक आधार पर संरक्षण और आवास प्रबंधन की रणनीति तैयार की जाएगी।

वन विभाग ने कहा कि उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक निगरानी और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के साथ लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

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