गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से स्वास्थ्य और पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली एक बेहद संवेदनशील और गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ न्याय के लिए भटक रही एक पीड़ित महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय परिसर में अचानक खुद पर मिट्टी का तेल (केरोसिन) छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। महिला के इस आत्मघाती कदम को देख एसपी दफ्तर में तैनात सुरक्षाकर्मियों और अन्य पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर मौजूद मुस्तैद पुलिस टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए महिला को काबू में किया और उसके हाथ से केरोसिन की बोतल छीनकर एक बड़ी अनहोनी को होने से टाल दिया। इस घटना के बाद पूरे कप्तानी दफ्तर परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

आशादेव हॉस्पिटल में हुई थी बच्चे की मौत
जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एसपी कार्यालय का है, जहाँ मनकापुर इलाके की रहने वाली एक महिला अपनी शिकायत लेकर पहुँची थी। पीड़ित महिला का आरोप है कि बीते दिनों ‘आशादेव हॉस्पिटल’ में इलाज के दौरान लापरवाही के चलते उसके मासूम बच्चे की मौत हो गई थी। इस घटना से टूट चुकी पीड़ित माँ लगातार आरोपी अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए स्थानीय थाने के चक्कर काट रही थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और न ही अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिससे आहत होकर महिला ने आज यह खौफनाक कदम उठाने का प्रयास किया।

पुलिस ने जांच के लिए सीएमओ को भेजी एप्लीकेशन
महिला द्वारा आत्मदाह के प्रयास की इस बड़ी घटना के बाद जिला पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। अधिकारियों ने पीड़ित महिला को ढांढस बंधाया और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उसकी लिखित शिकायत (एप्लीकेशन) को तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पास भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल लापरवाही से जुड़े मामलों में तकनीकी जांच रिपोर्ट आवश्यक होती है, इसलिए सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके और कार्यालय परिसर में शांति व्यवस्था कायम है।

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