पीलीभीत। अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में लगभग 200 करोड़ रुपये की चोरी का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के विरोध में शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अनिल सिंह के निर्देशानुसार जिला अध्यक्ष शैली शर्मा के नेतृत्व में भारत सरकार माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी पीलीभीत को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर में इतनी बड़ी चोरी की घटना घटित होने के बावजूद सिर्फ एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर खानापूर्ति कर दी गई है। घटना का पता चलते ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी न होना और राम मंदिर ट्रस्ट से उन्हें न हटाया जाना संदेह पैदा करता है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटना के दोषियों और मुख्य सूत्रधारों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
शैली शर्मा ने कहा कि जहां मात्र कुछ रुपये की चोरी में लोगों को कई साल जेल में रहना पड़ता है, वहीं राम मंदिर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी की घटना में प्राथमिकी काफी विलंब से दर्ज होना और दोषियों की अब तक गिरफ्तारी न होना राज्य की लचर कानून व्यवस्था को उजागर करता है। यह घटना हिंदू समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक है। जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल प्रजापति ने कहा कि जहां अन्य प्रदेशों में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का हवाला दिया जाता है, वहीं अयोध्या में घटी करोड़ों रुपये की यह चोरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कानूनी सलाहकार एडवोकेट आरके शर्मा ने मांग की कि इस घटना की जांच सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए ताकि इसमें शामिल सफेदपोश चेहरों को बेनकाब किया जा सके। इसके अलावा, जांच पूरी होने तक मंदिर के सभी ट्रस्टियों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें।
शिवसेना पश्चिम उत्तर प्रदेश पीलीभीत इकाई भारत सरकार से मांग करती है कि अयोध्या में हुई इस चोरी की सीबीआई जांच के आदेश दिए जाएं और शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर ज्ञापन देने वालों में शिवसेना जिलाध्यक्ष शैली शर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल प्रजापति, कानूनी सलाहकार एडवोकेट आरके शर्मा, प्रवक्ता एडवोकेट प्रदीप श्रीवास्तव, जिला महामंत्री ऋषभ सिंह, नितिन गुप्ता जिला मंत्री, हर्षित गंगवार, करन शर्मा, राजेश मौर्य, महावीर सिंह, सौरभ यादव, अचल कुमार शर्मा, हरजीत, कुमार सेन कश्यप, सुंदरलाल गौतम और ख्याली राम कश्यप सहित अन्य शिवसैनिक उपस्थित रहे।