अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में शराब की दुकान खोले जाने को लेकर स्थानीय महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। क्षेत्र के नारंगपुर गांव में एक मंदिर और स्कूल के बिल्कुल नजदीक नई शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं। आक्रोशित महिलाओं ने जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। महिलाओं का साफ कहना है कि इस दुकान के खुलने से न सिर्फ स्कूली बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंच रही है।
मंदिर और स्कूल के पास ठेका खुलने से भारी नाराजगी
यह पूरा मामला अमरोहा जिले के नारंगपुर इलाके का है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि जिस स्थान पर शराब की दुकान को मंजूरी दी गई है, उसके ठीक पास एक पवित्र मंदिर और बच्चों का स्कूल स्थित है। मंदिर में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, खासकर महिलाओं और युवतियों का वहां से आना-जाना लगा रहता है। स्कूल और मंदिर के पास शराब का ठेका खुलने से वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है, जिससे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह खराब हो रहा है।
कलेक्ट्रेट पर महिलाओं का जोरदार प्रदर्शन
दुकान को हटाए जाने की मांग को लेकर नारंगपुर की दर्जनों महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन से इस शराब की दुकान को तत्काल प्रभाव से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने की मांग की। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही उचित वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपनी आवाज को और बुलंद करेंगी तथा बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगी।
अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, जांच का आश्वासन
कलेक्ट्रेट पर हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रही महिलाओं को शांत कराया। महिलाओं ने अधिकारियों को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की गुहार लगाई है। अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिलाओं को आश्वस्त किया है कि आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम के माध्यम से दुकान की लोकेशन की जांच कराई जाएगी और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।