​पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पीलीभीत आगमन के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा को उनके आवास पर नज़रबंद (हाउस अरेस्ट) किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई को लेकर हिंदू महासभा ने स्थानीय प्रशासन और अपनी ही सरकार के रवैये पर गहरे सवाल खड़े किए हैं। संगठन का आरोप है कि शहर में चरमराई बिजली व्यवस्था की आवाज़ मुख्यमंत्री तक न पहुँचे, इसलिए प्रशासन ने यह दमनकारी कदम उठाया है।
​हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पीलीभीत में इस समय बिजली कटौती के कारण आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक जनता या जनप्रतिनिधियों का फोन उठाने को तैयार नहीं हैं और न ही कोई अपनी जवाबदेही तय कर रहा है। इसी जनसमस्या को लेकर संगठन ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने का निर्णय लिया था, लेकिन जिला प्रशासन ने अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए उन्हें उनके ही घर में कैद कर दिया। शर्मा ने कहा कि जनता की आवाज़ को दबाने का यह प्रयास जिला प्रशासन के डर को दिखाता है, जबकि कमियों को उजागर करने से सरकार मजबूत होती है।
​पंकज शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति अपनी निष्ठा का ज़िक्र करते हुए इस कार्रवाई पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में वे विरोधी के रूप में प्रताड़ित होते थे, लेकिन आज जब वे तन-मन से रात-दिन भाजपा को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहे हैं, तब उनकी अपनी सरकार में ही उनके ऊपर अत्याचार हो रहा है। भावुक होते हुए उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि अगर अपनी ही सरकार में न्याय नहीं मिलना है, तो सरकार उनका भी ‘भरत तिवारी’ की तरह एनकाउंटर करा दे, क्योंकि वे जनता-जनार्दन के अधिकारों के लिए अपनी आवाज़ इसी तरह बुलंद करते रहेंगे।

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